PCOS महिलाओं में राहत की सांस, जानिए क्या है इस लाईलाज बीमारी का इलाज़

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PCOS महिलाओं में राहत की सांस, जानिए क्या है इस लाईलाज बीमारी का इलाज़

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Haryana Khabar  : भारत में करीबन 90% महिलाएं PCOS जैसी बीमारी से जूझती हैं। टीनेज में आकर जहा लड़कियों में शारीरिक बदलाव आते हैं वही कुछ हार्मोन्स में भी बदलाव आने की वजह से PCOS, PCOD जैसी बीमारी होती हैं। महिलाएं ज्यादातर इस बीमारी को अपने तक ही रखना पसंद करती हैं इसलिए इसे बयान न की जाने वाली तकलीफ भी कहा जाता हैं। 


दिल्ली में रहने वाली श्रद्धा जो की 17 साल की है pcos से जूझ रहीं हैं। श्रद्धा 12 क्लास की होनहार छात्रा हैं जो हमेशा परीक्षा में अव्वल रहती हैं। श्रद्धा के मां बाप का कहना है की श्रद्धा परीक्षा के समय में अलग की तनाव से गुज़र रही होती है साथ की टीनेज की वजह से हो रहे शारीरिक बदलाव से भी बहुत परेशान रहती हैं।

श्रद्धा का कहना है की वो देखती है की वो बाकी लोगो से शारीरिक संरचना में मोटी हैं साथ की उसके शरीर के अलग अलग हिस्सों पर मोटे व गहरे बाल भी आ रहें है। मासिक धर्म के चलते मूड बदलना तो आम सी बात हैं लेकिन श्रद्धा का कहना है की उसका मूड तो अलग किस्म के बदलाव में आता हैं। साथ की खाने पीने के बारे मे बताते हुए कहती है की मेरा वजन भी कम हो रहा है|

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जबकि मैने इसके लिए लिए कोई भी खाने में बदलाव नहीं किया साथ की श्रद्धा बताती है की उसका मूड अचानक बिना किसी बात के ख़राब हो जाता हैं। काफ़ी समय तक ऐसे चलने के बाद श्रद्धा को PCOS के बारे में पता चला जो एक हार्मोन्स के असंतुलित होने की वजह से होने वाली बीमारी हैं। 

डॉक्टर की माने तो इसके होने के कारण के बारे में कोई जानकारी नहीं हैं। डॉक्टर्स का कहना हैं कि PCOS महिलाओं में जब पुरुष सेक्स हार्मोन की अधिक मात्रा हो जाती है तो उस की वजह से होता है। जिसकी वजह से महिलाओं के वजन में बढ़ोतरी तो कभी एक दम से कमी होने लगती हैं। साथ ही उनके शरीर पर बाल भी घने होते हैं। कभी कभी महिलाओं को दाड़ी व मूछ भी आनी शुरू हो जाती हैं।

नवी मुंबई में अपोलो अस्पताल के सलाहकार एंडोक्रिनोलॉजिस्ट डॉ. महेश चव्हाण ने कहा, “भारत में पीसीओएस की घटना से लगभग 100 में से 9 महिलाए जूझती हैं"। दिल्ली के प्राइमस सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में सलाहकार प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. रश्मी बालियान के अनुसार, पीसीओएस लक्षणों का प्रबंधन और अंतर्निहित हार्मोनल असंतुलन का सुधार उपचार का मुख्य लक्ष्य है। जिसमे शुरू में होने वाले बदलाव के तुरंत बाद इलाज करके इसको नियंत्रण में लाया जा सकता हैं।

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डॉक्टर का कहना है की PCOS की समस्या हर किसी में एक समान नही होती, यह इंसान के शरीर के साथ साथ कम ज्यादा होती हैं। उन्होंने कहा कि उपचार के शुरू होने पर महिला को संतुलित आहार अपनाना चाहिए , नियमित व्यायाम करना और जीवनशैली में बदलाव जैसे वजन कम करना शामिल है. समय समय पर सही दवाएं भी निर्धारित की जाती हैं|

 जिनमें गर्भ निरोधक, एंटी-एण्ड्रोजन शामिल हैं जो पुरूष सेक्स हार्मोन की मात्रा को कम करने में काफी लाभदायक सिद्ध होता है। इनके साथ ही डॉक्टर्स मेलाटोनिन और लैक्टोफेरिन नाम की दवाई लेने की सलाह मरीज को देते है क्युकी ये ओवुलेटरी फंक्शन को ठीक करती है और काफी हद तक PCOS को कम करने में मददगार साबित हुई हैं


डॉक्टर्स का कहना है की श्रद्धा जैसे अन्य मरीजों को अब इस बीमारी से होने वाली तकलीफ को उठाने की जरूरत नहीं पड़ेगी उनके पास इस बीमारी सा सफल एवम् स्टिक इलाज़ मौजूद हैं।

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