नूंह हिंसा के बाद फरमान सुनाने वाले सरपंच बैकफुट पर, 50 से ज्यादा पंचायतों ने लिखे थे पत्र

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नूंह हिंसा के बाद फरमान सुनाने वाले सरपंच बैकफुट पर, 50 से ज्यादा पंचायतों ने लिखे थे पत्र

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Haryana khabar :  हरियाणा के नूंह में हुए सांप्रदायिक दंगों के बाद आपसी भाईचारे में आई खटास को दूर करने के लिए अलग-अलग समुदाय के लोग आगे आ रहे हैं। विशेष समुदाय के लोगों की गांव में एंट्री बैन का फरमान सुनाने वाले सरपंच भी बैकफुट पर आने शुरू हो गए हैं। 2 गांवों के सरपंचों ने वीडियो जारी कर घोषणा कि वो अपने संदेश को वापस ले रहे हैं।

बता दें कि 31 जुलाई को नूंह में हुए दंगों के बाद सबसे पहले महेन्द्रगढ़ जिले के अटेली कस्बा में 10 से ज्यादा गांवों के सरपंचों का लेटरहेड वाला पत्र वायरल हुआ था। इसमें विशेष समुदाय को गांव में नहीं घुसने देने की बात लिखी थी। ये पत्र SDM के नाम लिखे गए थे। इन सभी लेटर में हूबहू एक जैसी ही भाषा लिखी गई थी।

4 अगस्त को ये लेटर वायरल हुए और इसके बाद इसी तरह के हूबहू लेटर महेन्द्रगढ़ जिले की अन्य पंचायतों सहित रेवाड़ी, झज्जर जिले की करीब 50 से ज्यादा पंचायतों द्वारा लिख दिए गए।

झज्जर जिले की बात करें तो गांव कबलाना की सरपंच उषा देवी और मुंडाखेड़ा सरपंच कविता ने वीडियो जारी कर कहा कि हर धर्म का सम्मान करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। हम भी इसका सम्मान करते हैं। हमारा इरादा किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का नहीं था।

हमारे गांव में हर धर्म के लोगों का स्वागत है। हमारे गांव में चोरी के मामले सामने आने के बाद केवल निवारक उपाय के रूप में भूलवश पंचायत के लेटर पेड पर किसी धर्म व क्षेत्र के बारे में लिखा गया। हम सर्वधर्म और सर्व समाज का सम्मान करते हैं।

झज्जर की कबलाना पंचायत द्वारा नए सिरे से लिखे गया पत्र।


रेवाड़ी जिले में भी 15 से ज्यादा पंचायतों ने इसी तरह के पत्र लिखे थे। जिसमें समुदाय विशेष के लोगों को गांव में फेरी लगा व्यवसाय करने पर रोक लगाने को लेकर क्षेत्र के थाना प्रभारी के नाम पत्र लिखे गए। पंचायतों द्वारा इस तरह के लेटर लिखने के बाद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हुआ। साथ ही पुलिस ने भी कार्रवाई की भी चेतावनी दी है।

रेवाड़ी DSP संजीव कुमार ने कहा कि जिले में सभी धर्म और समुदाय के लोगों को कहीं भी आने-जाने और व्यवसाय करने की पूरी तरह आजादी है। अगर धर्म, जाति या किसी विशेष समुदाय के लोगों को कहीं भी आने-जाने पर कोई पाबंद करता है तो पुलिस उसके खिलाफ कार्रवाई करेगी। आम जनता से अपील करते हुए कहा कि सोशल मीडिया का आपसी भाईचारा बढ़ाने के लिए प्रयोग करें। सोशल मीडिया पर अगर कोई गलत पोस्ट डालते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।


सरपंचों के वायरल लेटर के बाद झज्जर-महेन्द्रगढ़ जिले में अब प्रशासन भी अलर्ट हो गया है। बुधवार को जहां DC-SP ने झज्जर में सरपंचों के साथ बैठक कर भाईचारा बनाए रखने की अपील की थी। वहीं गुरुवार को इसी तरह की बैठक महेन्द्रगढ़ जिले के अटेली कस्बा में DC-SP ने सरपंचों के साथ की है।

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